International Conference on MITCAGP-2014 on 21 November

 

उदयपुर 21 नवम्बर। महाराणा प्रताप तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओ. पी. गिल ने कहा कि भारत देश में शिक्षा, तकनीक, उद्योगों, मोबाइल सभी में नवाचार हुआ है। इस नवाचार व तकनीकि परिर्वतन ने ही जीवन को सरल व सुगम बनाया है। प्रो. गिल ऐश्वर्या एज्यूकेशन संस्थान में आयोजित ”नवाचार और प्रौद्योेगिकीय परिर्वतन के प्रबंधन पर एक वैश्विक परिदृष्य“ विषय अन्तर्राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप मंे बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि कृषि के क्षे़त्र में ही जहाँ खाद्यान की उपज कम होती थी, अब वही वर्तमान समय में नवाचार व तकनीकि परिर्वतन से यह उपज मिलियन्स में होती है। नवाचार समय की आवश्यकता भी हैै।

सेमीनार के आयोजनकर्ता डॉ. अर्चना गोलवलकर ने बताया कि इस सेमीनार के उद्घाटन सत्र में  à¤µà¤¿à¤¶à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ अतिथि फ्यूजन आउटसोर्सिंग के सी.ई.ओ. श्री हिमकर दुबे ने इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में अपने आप को कायम रखने के लिए विद्यार्थियों को अपनी गुणवता में सुधार लाने पर बल दिया। इससे पूर्व उद्घाटन सत्र का प्रारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तद्पश्चात् कार्यशाला आयोजनकर्ता डॉ. अर्चना गोलवलकर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ऐश्वर्या रिसर्च कम्यूनिकेशन जर्नल के अंक-6 का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद की रस्म बी.एड. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कय्यूम अली बोहरा ने अदा की।

तकनीकी सत्र
प्रथम तकनीकी सत्र ”वाणिज्य और प्रबंधन” के अतिथि डॉ. मदन गोपाल वार्ष्णेय, डीन-  à¤°à¤¾à¤œà¤•à¥€à¤¯ बालिका महाविद्यालय, नाथद्वारा एवं डॉ. मीरा माथुर, प्रोफेसर, मोहनलाल सुखाडिया विश्व विद्यालय, मुख्य वक्ता डॉ. चन्द्रकान्त शर्मा व सुश्री कानन सिल्वरा थे। सेमीनार के द्वितीय तकनीकी सत्र में ”कम्प्यूटर विज्ञान और सूचना प्रौधेगिकी” मे सत्र अतिथि डॉ. एन. के. पारीख, डॉ. एम.एल. तलेसरा थे एवं मुख्य वक्ता कमलजीत लखवारिया व गौरव विश्वकर्मा थे। दोनों सत्र मे देश -विदेश के कुल 75 पत्र वाचन किये गये।

 
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Last Updated on : 31/07/21